चिटफंड कंपनी के दो संचालकों को 10-10 साल का सश्रम कारावास, चिटफंड कंपनी के दो संचालकों को 10-10 साल का सश्रम कारावास …


जांजगीर-चांपा। कम समय में निवेश की रकम दोगुनी करने और प्रतिमाह 12.5 प्रतिशत ब्याज देने का झांसा देकर निवेशकों से लाखों रुपये जमा कराने वाली चिटफंड कंपनी के दो संचालकों को न्यायालय ने कठोर सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश जयदीप गर्ग की अदालत ने आरोपी नूरजहां बेगम एवं कंपनी के सीईओ राजन रत्न कुजूर को दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर अलग-अलग धाराओं में कुल 2-2 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

लोक अभियोजन के अनुसार, ग्राम लवसरा निवासी प्रार्थी डिकेश्वर प्रसाद साहू ने थाना बाराद्वार में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि अक्टूबर 2023 में आर.आर.के. पब्लिक बाजार प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में निवेश करने पर 12.5 प्रतिशत प्रतिमाह ब्याज और कम समय में रकम दोगुनी करने का प्रलोभन दिया गया था। इस झांसे में आकर डिकेश्वर प्रसाद साहू ने 12.50 लाख रुपये तथा गरीबदास महंत के 11 लाख रुपये, कुल 23.50 लाख रुपये कंपनी में निवेश किए। निर्धारित समय बीतने के बाद भी निवेशकों को उनकी रकम वापस नहीं मिली। मामले में थाना बाराद्वार में अपराध दर्ज कर विवेचना की गई और कंपनी की संचालक नूरजहां बेगम तथा सीईओ राजन रत्न कुजूर के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 10 गवाहों के बयान और 29 प्रकार के दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए।
न्यायालय ने दोनों आरोपियों को धारा 420/34 भादवि के तहत 7-7 वर्ष तथा छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम की धारा 10 के तहत 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतने का भी आदेश दिया गया है।



