सेवानिवृत्ति पर सरलता, अनुशासन और समर्पण के प्रतीक डॉ. उमाशंकर चतुर्वेदी का विदाई समारोह सम्पन्न …






चांपा। शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक एवं अग्रणी शिक्षण संस्थान शासकीय बालक उच्च माध्यमिक विद्यालय चांपा (वर्तमान स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय) के वरिष्ठ व्यावसायिक शिक्षक एवं स्टेनो-टाइपिंग के विद्वान डॉ. उमाशंकर चतुर्वेदी के सेवानिवृत्ति अवसर पर नगर के सुप्रसिद्ध सुमित होटल सभागार में एक गरिमामय एवं भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में शिक्षा जगत में उनके दीर्घकालीन योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें आत्मीय सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के पूजन एवं वंदन के साथ हुआ, जिससे वातावरण श्रद्धा और गरिमा से ओतप्रोत हो गया। इसके पश्चात संस्था के प्राचार्य श्री संजय जैन, व्याख्याता श्रीमती सीमा राठौर, श्रीमती निमिषा जेम्स, श्रीमती रीतू सिंह, श्रीमती पिकी पायल मेश्राम एवं श्रीमती रोशनी बाजपेयी ने मुख्य अतिथि डॉ. चतुर्वेदी का कौशेय वस्त्र शाल ओढ़ाकर अभिनंदन किया।
विद्यालय परिवार के व्याख्याता रामचन्द्र राठौर, डॉ. रविन्द्र द्विवेदी, सचिन देव बर्मन, गोविंद नारायण शर्मा, राजकुमार तम्बोली, राजेश उपाध्याय एवं सोमनाथ पाण्डेय ने पुष्पगुच्छ, तिलक-चंदन एवं अबीर लगाकर सम्मान व्यक्त किया। इसी क्रम में प्राचार्य श्री संजय जैन का भी समस्त विद्यालय परिवार द्वारा पुष्पमाला एवं गुलदस्ता भेंट कर अभिनंदन किया गया।
अपने उद्बोधन में प्राचार्य श्री संजय जैन ने डॉ. चतुर्वेदी के दीर्घ शैक्षणिक कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सरलता, सहजता और विनम्रता उनके व्यक्तित्व की पहचान रही है। उन्होंने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में डॉ. चतुर्वेदी के योगदान को प्रेरणादायी बताते हुए उनके स्वस्थ एवं सुखमय जीवन की कामना की।
वरिष्ठ व्याख्याता श्रीमती सीमा राठौर ने कहा कि डॉ. चतुर्वेदी का अनुशासन, समर्पण और विद्यार्थियों के प्रति स्नेह सदैव प्रेरणास्रोत रहा है। वहीं श्रीमती निमिषा जेम्स ने उन्हें संत प्रवृत्ति का बताते हुए उनके सहयोगात्मक और सहज व्यवहार की प्रशंसा की। श्रीमती रीतू सिंह ने कहा कि उनका मार्गदर्शन और अनुभव शिक्षकों के लिए अमूल्य धरोहर है। व्याख्याता श्री गोविंद शर्मा ने उनके निष्ठावान और लगनशील शिक्षण कार्य को अनुकरणीय बताया।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे डॉ. रविन्द्र द्विवेदी ने डॉ. चतुर्वेदी के शैक्षणिक सफर, योगदान और अविस्मरणीय कार्यकाल को भावपूर्ण शब्दों में प्रस्तुत किया, जिसे उपस्थित जनों ने सराहा।
समारोह के अंत में प्राचार्य के हाथों डॉ. उमाशंकर चतुर्वेदी को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। अपने उद्बोधन में डॉ. चतुर्वेदी ने विद्यालय परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका जीवन सदैव शिक्षा और विद्यार्थियों के हित में समर्पित रहा है तथा सेवानिवृत्ति के पश्चात भी वे विद्यालय एवं छात्र हित में सहयोग के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।
कार्यक्रम का समापन विद्यालय परिवार द्वारा आयोजित स्नेहभोज के साथ हुआ, जहां सभी ने आत्मीय वातावरण में सहभागिता करते हुए समारोह को यादगार बनाया।










