


जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के लिए गर्व का क्षण है। जिले की साहसी बेटी अमिता ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर नया इतिहास रच दिया है। इस उपलब्धि के साथ अमिता छत्तीसगढ़ की दूसरी और जांजगीर-चांपा जिले की पहली महिला पर्वतारोही बन गई हैं, जिन्होंने एवरेस्ट फतह किया।


अमिता ने 22 मई को 8,848.86 मीटर ऊंची माउंट एवरेस्ट की चोटी पर सफलतापूर्वक कदम रखा। अभियान के दौरान उन्हें अत्यधिक ठंड, तेज हवाओं, ऑक्सीजन की कमी और बर्फीले तूफानों जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति और साहस के बल पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया।


एवरेस्ट फतह के बाद लौटते समय अमिता की तबीयत बिगड़ गई थी। अत्यधिक ठंड के कारण उन्हें फ्रॉस्ट बाइट और ऑक्सीजन से जुड़ी समस्या हुई, जिसके बाद उन्हें बेस कैंप से हेलीकॉप्टर द्वारा काठमांडू ले जाया गया। वहां नॉरविक इंटरनेशनल अस्पताल में उनका इलाज किया गया। चिकित्सकों के अनुसार अब उनकी हालत स्थिर है और वे पूरी तरह स्वस्थ होने की ओर हैं। अंतरराष्ट्रीय एवरेस्ट दिवस के अवसर पर अमिता की यह सफलता विशेष महत्व रखती है। उन्होंने अपनी इस ऐतिहासिक उपलब्धि को राज्य और जिले की जनता को समर्पित किया है। अमिता का कहना है कि यह अभियान साहस, संघर्ष और आत्मविश्वास की मिसाल है तथा वे चाहती हैं कि प्रदेश की बेटियां भी बड़े सपने देखें और उन्हें पूरा करने का साहस रखें।
अमिता की इस उपलब्धि पर जिले और राज्य भर में खुशी की लहर है। प्रशासन, खेल जगत और सामाजिक संगठनों ने उन्हें बधाई देते हुए इसे छत्तीसगढ़ के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि बताया है।





