

चांपा। गणेश उत्सव के बीच चांपा नगर पालिका परिषद ने गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर नई अपील जारी की है। नगर पालिका ने शहर की सभी गणेश समितियों से भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन तालाब के बजाय बहते पानी यानी नदी में करने का आग्रह किया है। नगर पालिका का कहना है कि तालाब का पानी स्थिर होने के कारण प्रतिमाओं के रंग-रोगन में इस्तेमाल होने वाले रसायनों का असर पानी में लंबे समय तक बना रह सकता है।
नगर पालिका अध्यक्ष प्रदीप नामदेव ने बताया कि गणेश प्रतिमाओं को तैयार करने में विभिन्न प्रकार के रंगों और रसायनों का उपयोग किया जाता है। तालाब में पानी स्थिर रहता है, ऐसे में प्रतिमा विसर्जन के बाद इन रसायनों के पानी में घुलने से जल की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका रहती है। नपाध्यक्ष ने कहा कि शहर के तालाबों का उपयोग लोग विभिन्न दैनिक कार्यों के लिए भी करते हैं। ऐसे में तालाब में प्रतिमा विसर्जन होने से पानी प्रदूषित होने की आशंका रहती है, जिसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।
नदी में विसर्जन करने की अपील – नगर पालिका ने गणेश समितियों से अपील की है कि वे प्रतिमाओं का विसर्जन बहते पानी में करें। नपाध्यक्ष प्रदीप नामदेव के अनुसार नदी में पानी के प्रवाह के कारण प्रतिमा के रंग-रोगन से जुड़े पदार्थ एक ही स्थान पर जमा नहीं रहते। इसी वजह से नगर पालिका ने तालाब के बजाय नदी में विसर्जन करने का आग्रह किया है। नगर पालिका परिषद ने गणेश समितियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धार्मिक आस्था के साथ-साथ जल स्रोतों की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का भी ध्यान रखें।



