स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं, सामूहिक सहभागिता से ही बनेंगे गांव, शहर स्वच्छ – कलेक्टर …


जांजगीर-चांपा। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले में स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026 के तहत आज “एक दिन, एक घंटा, एक साथ” सामूहिक श्रमदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम ग्राम पंचायत खोखरा स्थित मनका दाई मंदिर परिसर में आयोजित हुआ।
इस दौरान कलेक्टर सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों एवं ग्रामीणों ने स्वच्छता अभियान में सहभागिता की एवं श्रमदान कर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया और स्वच्छता को जनभागीदारी से जनआंदोलन बनाने का संदेश दिया। मनका दाई मंदिर परिसर एवं खोखरा बाजार क्षेत्र में व्यापक साफ-सफाई की गई। सार्वजनिक स्थलों, सड़क किनारे एवं आसपास का कचरा हटाया गया।

कलेक्टर ने कहा कि स्वच्छता केवल किसी विशेष अभियान या एक दिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है। प्रत्येक व्यक्ति अपने घर, गली, मोहल्ले और गांव की नियमित साफ-सफाई में योगदान दे, तभी स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि गांव को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है। सामूहिक सहभागिता से ही स्थायी रूप से स्वच्छ गांव-स्वच्छ शहर बनाए जा सकते हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि प्रतिदिन कुछ समय गांव की साफ-सफाई के लिए निकालें और कचरा इधर-उधर न फेंकें। आसपास की गंदगी दूर होने से वातावरण स्वच्छ होगा तथा लोगों के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने वाली स्वच्छता दीदियों को सम्मानित किया गया। कलेक्टर एवं जनप्रतिनिधियों ने उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने और घर-घर स्वच्छता का संदेश पहुंचाने में महिला समूहों एवं स्वच्छता कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने स्वच्छता की शपथ दिलाई। सभी ने अपने घर, गांव एवं आसपास के सार्वजनिक स्थलों को स्वच्छ रखने, कचरा निर्धारित स्थान पर डालने तथा स्वच्छता गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।

जनपद पंचायत क्षेत्रों में भी चला व्यापक स्वच्छता अभियान -जिले के सभी जनपद पंचायत क्षेत्रों में भी “एक दिन, एक घंटा, एक साथ” अभियान के तहत सामूहिक श्रमदान एवं स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की गईं। ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों, युवाओं, विद्यार्थियों एवं स्थानीय समुदाय ने मिलकर सार्वजनिक स्थलों, तालाबों, पहुंच मार्गों एवं आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई की। अमृत सरोवरों एवं उनके आसपास भी स्वच्छता गतिविधियां आयोजित की गईं। श्रमदान के साथ जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता शपथ एवं जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। वृद्धजन दिवस पर कलेक्टर ने वृद्धाश्रम पहुंचकर वृद्धजनों से की आत्मीय मुलाकात – अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने देव सेवा समिति निःशक्त एवं वृद्धाश्रम, खोखरा पहुंचकर वहां निवासरत वृद्धजनों से आत्मीय मुलाकात की और उनका हालचाल जाना एवं उनके साथ समय बिताकर उनकी आवश्यकताओं एवं समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने वृद्धजनों से बातचीत करते हुए उनके स्वास्थ्य, भोजन, आवास, साफ-सफाई सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को वृद्धाश्रम में निवासरत वृद्धजनों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने तथा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।

स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश – अभियान के तहत स्वच्छ किए गए अमृत सरोवरों एवं सार्वजनिक स्थलों के आसपास “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधरोपण को भी बढ़ावा दिया गया। स्वच्छता, जल संरक्षण और हरित क्षेत्र के विकास को एक साथ जोड़ते हुए ग्रामीणों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया। जिले में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए इसे नियमित व्यवहार और सामुदायिक जिम्मेदारी के रूप में विकसित करना है। सामूहिक श्रमदान एवं सहभागिता के माध्यम से गांवों को स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।



