



चांपा। हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व है। पंडित अतुल कृष्ण द्विवेदी के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के साथ नवरात्रि आरंभ होती है, जो नवमी तिथि को राम नवमी के साथ समाप्त होगी। चैत्र नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के साथ उनके नौ स्वरूपों की विधिवत पूजा करने के साथ व्रत रखने का विधान है। इस दौरान घर पर कलश स्थापना करके नियमों का पालन करके मां दुर्गा की अराधना की जाती है।


पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च 2026, गुरुवार को सुबह 6:52 बजे शुरू हो रही है, जो 20 मार्च को सुबह 4:51 बजे समाप्त होगी। ऐसे में उदयातिथि के आधार पर चैत्र नवरात्रि का आरंभ 19 मार्च 2026 से हो रही है।
घट स्थापना के मुहूर्त – पहला मुहूर्त: सुबह 6:52 बजे से 7:43 बजे तक
दूसरा मुहूर्त : अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक
मीन लग्न प्रारम्भ – मार्च 19, 2026 को 06:26 बजे सुबह
मीन लग्न समाप्त – मार्च 19, 2026 को 07:43 बजे सुबह।
डोली पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा –
पंडित द्विवेदी के अनुसार जिस दिन से नवरात्रि आरंभ होती है। उसी दिन के आधार पर उनके वाहन का निर्धारण किया जाता है। बता दें कि इस बार गुरुवार के दिन से आरंभ हो रहे हैं। इस वर्ष मां दुर्गा का वाहन डोली होगी।









