



जांजगीर-चांपा। जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चल रही सख्त मुहिम के तहत नवागढ़ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने म्यूल अकाउंट खोलकर साइबर ठगी की रकम खपाने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए HDFC बैंक के एक कर्मचारी और दुकानदार समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह के जरिए 20.40 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी की रकम विभिन्न खातों में जमा कराई गई थी।


मामले की गंभीरता को देखते हुए निवेदिता पाल के निर्देशन और उमेश कुमार कश्यप के मार्गदर्शन में नवागढ़ पुलिस ने त्वरित विवेचना शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि HDFC बैंक राछाभाठा शाखा में वर्ष 2023 और 2024 के दौरान 6 म्यूल अकाउंट फर्जी तरीके से खुलवाए गए थे, जिनमें साइबर ठगी से प्राप्त कुल ₹20,40,244 की राशि जमा की गई।
ऐसे चलता था पूरा खेल – पुलिस विवेचना में गिरफ्तार आरोपी ननकी गौड़ के मेमोरण्डम कथन से बड़ा खुलासा हुआ। उसने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर भोले-भाले लोगों को पैसों का लालच देता था। आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज लेकर उन्हें बहला-फुसलाकर HDFC बैंक में खाते खुलवाए जाते थे, जिन्हें म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। इन खातों में साइबर ठगी की रकम मंगवाई जाती थी, जिसे बैंक में कार्यरत आरोपी टीकाराम श्रीवास और लक्ष्मी वस्त्रालय के दुकानदार राजेश्वर साहू कमीशन लेकर निकालते थे। इस पूरे नेटवर्क में खाताधारकों की भी सक्रिय भूमिका सामने आई है।


गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है—
1. ननकी गौड़ पिता लखन गौड़, उम्र 25 वर्ष, निवासी राछाभाठा, थाना नवागढ़ – खाताधारक
2. गौतम देवांगन पिता रामनारायण देवांगन, उम्र 21 वर्ष, निवासी बिर्रा, थाना बिर्रा – खाताधारक
3. टीकाराम श्रीवास पिता भागीरथी श्रीवास, उम्र 29 वर्ष, निवासी मुड़पार, थाना नवागढ़ – HDFC बैंककर्मी
4. राजेश्वर साहू पिता बंशी लाल साहू, उम्र 31 वर्ष, निवासी ठाकुरदिया, थाना नवागढ़ – दुकानदार
पुलिस के अनुसार, 4 अन्य खाताधारक आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किए जाने की संभावना है।








