


चांपा। नगर में लगातार बिगड़ती बिजली व्यवस्था को लेकर शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। नगर के कई हिस्सों में बार-बार हो रही अघोषित बिजली कटौती से नाराज़ नागरिकों के साथ सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि भी सड़कों पर उतर आए। स्थिति यह रही कि भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों और नगर पालिका अध्यक्ष के नेतृत्व में लोगों ने विद्युत विभाग कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों का घेराव किया और ज्ञापन सौंपा।


नगर पालिका अध्यक्ष प्रदीप नामदेव के नेतृत्व में हुए इस विरोध प्रदर्शन में पार्षद श्रीमती गीता सूर्यप्रकाश कंसारी, महेंद्र तिवारी, राजन गुप्ता, राजीव नयन शुक्ला सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के बीच दिन में कई-कई बार बिजली गुल हो रही है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली कटौती के कारण पेयजल आपूर्ति, पंखा, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण ठप हो जा रहे हैं।
राजनीतिक दृष्टि से यह घटनाक्रम खास माना जा रहा है, क्योंकि प्रदेश में विष्णु देव साय के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है और केंद्र में भी भाजपा सत्ता में है। ऐसे में “ट्रिपल इंजन सरकार” के बावजूद चांपा सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था के बद से बदतर होने पर सवाल उठ रहे हैं।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में भी चर्चाओं का दौर तेज है। कांग्रेस जनों का कहना है कि जब भाजपा के अपने ही जनप्रतिनिधि विद्युत विभाग के खिलाफ आंदोलन को मजबूर हों, तो यह साफ संकेत है कि सरकार का प्रशासनिक नियंत्रण कमजोर पड़ चुका है और जनता की मूलभूत समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
कुल मिलाकर, चांपा में बिजली संकट ने न केवल आम नागरिकों का सब्र तोड़ा है, बल्कि सत्ताधारी दल के भीतर भी असंतोष को उजागर कर दिया है। अब देखना होगा कि विद्युत विभाग और सरकार इस जनाक्रोश के बाद कितनी जल्दी व्यवस्था सुधारने के ठोस कदम उठाती है।






