

जांजगीर-चांपा। थाना चौक के पास मंगलवार दोपहर निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे मजदूर दंपती 11 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गए। हादसे में रामनाथ कर्ष की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी लता कर्ष गंभीर रूप से झुलस गईं। घायल महिला का उपचार शासकीय बीडीएम अस्पताल में जारी है। घटना के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
जानकारी के अनुसार महुदा निवासी रामनाथ कर्ष और उनकी पत्नी लता रोजी-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। दोनों पिछले कुछ दिनों से थाना चौक के पास मेन रोड स्थित एक निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे थे। मंगलवार दोपहर करीब 2:20 बजे काम के दौरान सड़क के ऊपर से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन की चपेट में दोनों आ गए।
करंट लगने के बाद रामनाथ करीब 10 से 15 फीट नीचे सड़क पर जा गिरे, जबकि लता गंभीर रूप से झुलसकर छत पर गिर गईं। अचानक हुए हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान रामनाथ की मौत हो गई।
हादसे के बाद निर्माणाधीन मकान के आसपास से गुजर रही 11 केवी हाईटेंशन लाइन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। निर्माण कार्य के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे? क्या बिजली लाइन की ऊंचाई और उससे होने वाले खतरे को लेकर आवश्यक सावधानी बरती गई थी? ऐसे कई सवाल हादसे के बाद सामने आए हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
थाना प्रभारी को घटना की जानकारी नहीं होने का दावा – हादसे का एक और गंभीर पहलू पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सामने आया है। बताया जा रहा है कि घटना थाना चौक स्थित थाने से महज करीब 200 मीटर की दूरी पर हुई, इसके बावजूद घटना के कई घंटे बाद तक थाना प्रभारी कमलेश शेंडे को इसकी जानकारी नहीं होने की बात सामने आई।
पत्रकारों द्वारा घटना और पुलिस कार्रवाई की जानकारी लेने के लिए थाना प्रभारी से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया। बताया गया कि उन्होंने एएसआई से बात करने की बात कहते हुए फोन काट दिया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि थाना क्षेत्र में इतनी गंभीर घटना होने के बावजूद इसकी सूचना थाना प्रभारी तक समय पर क्यों नहीं पहुंची। हालांकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों और पुलिस स्तर पर हुई कार्रवाई की स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।



