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आरटीआई के जरिए जिला शिक्षा अधिकारी से मांगी गई सेवा संबंधी जानकारी, शिक्षा विभाग में बढ़ी हलचल …

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जांजगीर-चांपा। जिले के शिक्षा विभाग से जुड़ी अहम जानकारी हासिल करने के उद्देश्य से पत्रकार इंद्रमोहन शर्मा ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय जांजगीर-चांपा में आरटीआई आवेदन प्रस्तुत किया है। आवेदन में वर्तमान जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा की नियुक्ति से लेकर अब तक की संपूर्ण सेवा संबंधी जानकारी मांगी गई है।

आवेदन में आरटीआई अधिनियम की धारा 6(1) के अंतर्गत शासकीय अभिलेखों में दर्ज सूचनाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है, ताकि प्रशासनिक पारदर्शिता और जनहित सुनिश्चित हो सके। पत्रकार द्वारा मांगी गई जानकारी में अशोक सिन्हा की प्रथम नियुक्ति से जुड़े सभी दस्तावेज—जैसे चयन सूची, नियुक्ति आदेश, नियुक्ति तिथि एवं ज्वाइनिंग आदेश—की प्रमाणित छायाप्रति शामिल है। इसके साथ ही नियुक्ति से संबंधित पूरी फाइल की नोटशीट और पत्रावली की प्रतियां भी मांगी गई हैं।

आरटीआई आवेदन में यह भी मांग की गई है कि विभाग द्वारा अब तक दी गई सभी पदोन्नतियों से संबंधित आदेश, प्रस्ताव, अनुमोदन एवं फाइल नोटशीट की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही उनकी सेवा पुस्तिका (सर्विस बुक) के प्रथम पृष्ठ से अंतिम पृष्ठ तक की प्रमाणित छायाप्रति देने का अनुरोध किया गया है।
इसके अतिरिक्त, अशोक सिन्हा की अब तक की सभी पदस्थापन एवं स्थानांतरण आदेशों की प्रमाणित प्रतियां, तथा यदि उनके विरुद्ध किसी प्रकार की शिकायत, जांच या विभागीय/अनुशासनात्मक कार्रवाई दर्ज हुई हो, तो उससे संबंधित जांच रिपोर्ट, आदेश एवं नोटशीट की प्रतियां भी मांगी गई हैं। आवेदन में यह भी उल्लेख है कि यदि विभागीय अधिकारियों द्वारा वार्षिक संपत्ति विवरण प्रस्तुत किया गया हो, तो उसकी प्रमाणित प्रतियां भी उपलब्ध कराई जाएं

पत्रकार इंद्रमोहन शर्मा ने आवेदन में स्पष्ट किया है कि यदि मांगी गई सूचना का कोई भाग संबंधित कार्यालय में उपलब्ध न हो, तो आरटीआई अधिनियम की धारा 6(3) के तहत उसे संबंधित कार्यालय को प्रेषित कर इसकी सूचना आवेदक को दी जाए। साथ ही, यदि सूचना उपलब्ध कराने के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क देय हो, तो उसकी जानकारी लिखित रूप में दी जाए। आवेदन के साथ नियमानुसार 10 रुपये का शुल्क संलग्न किया गया है और अधिनियम में निर्धारित 30 दिनों की समय-सीमा के भीतर सूचना उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
इस आरटीआई आवेदन के बाद जिले के शिक्षा विभाग में हलचल तेज हो गई है। अब देखना यह होगा कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर विभाग द्वारा मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराई जाती है या नहीं।

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