

जांजगीर-चांपा। नगर के ऐतिहासिक भीमा तालाब में फैली गंदगी, दुर्गंध और खराब होती जल गुणवत्ता को लेकर आखिरकार नगर प्रशासन हरकत में आया है। तालाब की बदहाल स्थिति की शिकायत मिलने पर जांजगीर-चांपा विधायक ब्यास कश्यप ने कांग्रेस पार्षदों के साथ मौके पर पहुंचकर तालाब का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने तालाब परिसर में व्याप्त गंदगी और सफाई व्यवस्था में लापरवाही को लेकर नगरपालिका के जिम्मेदार अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
स्थल निरीक्षण के बाद विधायक ब्यास कश्यप कांग्रेस पार्षदों के साथ जिला कलेक्टर से मिले और भीमा तालाब की स्थिति से उन्हें अवगत कराया। उन्होंने तालाब में बढ़ती गंदगी, दुर्गंध और पानी की गुणवत्ता को लेकर तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने नगरपालिका के सीएमओ एवं संबंधित इंजीनियरों को जल शुद्धिकरण और दुर्गंध नियंत्रण के लिए तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देश और विधायक की नाराजगी के बाद नगर प्रशासन ने ऐतिहासिक भीमा तालाब की सफाई का काम शुरू करा दिया। नगरपालिका के कर्मचारियों ने तालाब के आसपास साफ-सफाई कराई। इसके साथ ही जल एवं परिसर में चूना, ब्लीचिंग पाउडर और पोटाश का छिड़काव भी कराया गया। भीमा तालाब जांजगीर नगर की ऐतिहासिक पहचान के साथ-साथ नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थल है। लंबे समय से यहां सफाई व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच प्रशासन की कार्रवाई से अब तालाब की स्थिति में सुधार की उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों ने भी तालाब की नियमित सफाई और जल गुणवत्ता की लगातार निगरानी किए जाने की आवश्यकता बताई है।
विधायक ब्यास कश्यप ने स्पष्ट किया कि शहर की ऐतिहासिक धरोहरों और सार्वजनिक स्थलों की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा नागरिकों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन को जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।



