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इकलौती बेटी की संदिग्ध मौत,मां ने लगाई न्याय की गुहार…

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जांजगीर-सक्ती। सक्ती जिले में एक संभ्रांत घर की युवती को जिंदा जला देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शहर में चर्चा यह है कि पुलिस ने मामले में जांच करने में लीपापोती कर रही है। क्योंकि इतने बड़े हाईप्रोफाइल मामले में काफी दिनों बाद भी पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिले हैं। जबकि इतने बड़े संवेदनशील मामले में पीएम रिपोर्ट दो चार दिन में मिल जाने चाहिए। जबकि पुलिस को अब तक पीएम रिपोर्ट नहीं मिलना संदेह का जन्म दे रहा है। जो शहर में सनसनी बनी हुई है। दरअसल, सक्ती शहर के वार्ड क्रमांक 11 झूलकदम की रहने वाली मीना मरावी की जिंदगी 24 जनवरी 2026 को उस वक्त उजड़ गई, जब उनकी 23 वर्षीय इकलौती बेटी दिशा मरावी को कथित रूप से जिंदा जला दिया गया। मीना मरावी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जाजंग में व्याख्याता हैं। वर्ष 2008 में पति जयकुमार मरावी से अलगाव होने के बाद उन्होंने अपनी पांच साल की बेटी दिशा को अकेले पाल-पोसकर बड़ा किया था, लेकिन सुनहरे भविष्य के सपनों के साथ आगे बढ़ रही दिशा की जिंदगी दर्दनाक तरीके से खत्म हो गई।

होटल में बुलाकर जलाने का आरोप – मीना मरावी के मुताबिक 24 जनवरी की दोपहर करीब 1.40 बजे उन्हें एक अज्ञात नंबर से फोन आया कि उनकी बेटी जली हुई हालत में सक्ती के एक निजी अस्पताल में भर्ती है। बदहवास हालत में जब वह अस्पताल पहुंचीं तो दिशा बुरी तरह झुलसी हुई थी। हालत गंभीर होने पर उसे बिलासपुर रेफर किया गया। जहां इलाज के दौरान 1 फरवरी 2026 को उसकी मौत हो गई।

मां का है यह आरोपमां मीना का आरोप है कि ग्राम सकरेली कला निवासी योगेंद्र कुमार साहू ने अपने साथी महेंद्र कुमार सिदार (निवासी आमापाली) और आशीष पटेल के साथ मिलकर सुनियोजित साजिश के तहत दिशा को होटल में बुलाया। वहां कथित रूप से उस पर तारपीन तेल डालकर आग लगा दी गई। मां मीना का कहना है कि घटना से पहले योगेंद्र उनकी बेटी को अक्सर होटल में बुलाता था। 24 जनवरी को भी उसे बाराद्वार रोड स्थित सिंह ढाबा होटल बुलाया, जहां तीनों युवक पहले से मौजूद थे। किसी बात को लेकर विवाद हुआ और फिर हाथापाई के दौरान कथित रूप से ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी गई।


धमकी देकर बयान बदलवाने का आरोप – मां के अनुसार, अस्पताल ले जाते समय दिशा ने उन्हें बताया कि आग लगाने के बाद आरोपी ने धमकी दी कि खुद से जली हूं कहना, नहीं तो अस्पताल नहीं ले जाऊंगा। डर के कारण उसने प्रारंभिक तौर पर घटना को अलग स्थान पर हुई बताई। घटना के बाद जली हालत में युवती को कार से अस्पताल के बाहर छोडऩे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। जिससे संदेह और गहरा गया है।


वाट्सएप चैट से बढ़ा विवाद – 22 से 24 जनवरी के बीच की कथित वाट्सएप चैट भी सामने आई है। 22 जनवरी को दिशा और महेंद्र के बीच बातचीत में दिशा और योगेंद्र के बीच मनमुटाव के संकेत मिले थे। 23 जनवरी को योगेंद्र द्वारा कथित आपत्तिजनक संदेश भेजे जाने की बात कही जा रही है। 24 जनवरी को मिलने के लिए बुलाने के बाद यह दिशा की आखिरी चैट बताई जा रही है।
पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल – मीना मरावी का आरोप है कि, नामजद तीनों युवक खुलेआम घूम रहे हैं। अभी तक न तो गिरफ्तारी हुई है और न ही उनसे कड़ी पूछताछ की गई है। उन्हें यह भी जानकारी नहीं है कि उनकी बेटी का मृत्युपूर्व बयान विधिवत दर्ज किया गया या नहीं। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने, होटल कर्मचारियों से पूछताछ और सीसीटीवी जांच को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए हैं।


बिलासपुर पुलिस ने क्या अब तक नहीं भेजी रिपोर्ट – बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान दिशा की मौत के बाद बिलासपुर के तारबाहर थाना में शून्य में मर्ग कायम कर विवेचना की कार्रवाई की गई। पोस्टमार्टम भी कराया गया है। लेकिन यहां पर बड़ा सवाल यह है कि क्या बिलासपुर पुलिस ने १३ दिन बाद भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सक्ती थाने में नहीं भेजा है। इधर, सक्ती पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इकलौती संतान की मौत से टूटी मां अब न्याय की आस में दर-दर भटक रही है।


इस मामले में मर्ग कायम बिलासपुर में हुआ है। पीएम रिपोर्ट हमें अब तक नहीं मिली है। पीएम रिपोर्ट में जो भी बातें सामने आएगी उस हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी  – प्रफुल्ल ठाकुर, एसपी, सक्ती

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