Uncategorized

जिले में रक्तदान शिविर आयोजित करने हेतु दिशा-निर्देश जारी …

img 20250907 170302 22956970269726115967 Console Corptech

     जांजगीर-चांपा। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन में जिले में रक्तदान शिविर आयोजित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

WhatsApp Image 2025 10 13 at 10.02.11 Console CorptechWhatsApp Image 2026 02 24 at 07.53.42 Console Corptech

मुख्य चिकित्सव एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि बिना लिखित अनुमति कोई भी रक्तदान शिविर आयोजित नहीं किया जाएगा। जिला जांजगीर-चांपा में रक्तदान शिविर आयोजित करने हेतु कम से कम 07 दिन पूर्व कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जांजगीर-चांपा में आवेदन किया जाना आवश्यक होगा। रक्तदान पूर्णतः स्वैच्छिक एवं निःशुल्क होना अनिवार्य है। प्रत्येक रक्तदाता की मेडिकल जांच, लिखित सहमति, पहचान एवं रिकॉर्ड संधारण अनिवार्य रूप से किया जाए। भारत सरकार एवं राज्य शासन के एनबीटीसी, एसबीटीसी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। किसी भी बाहरी एजेंसी या दलाल से संपर्क अथवा लेन-देन नहीं किया जाएगा। दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए यदि रक्तदान शिविर आयोजित किए जाते हैं तथा जांच में कोई संस्था, ब्लड बैंक अथवा व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

WhatsApp Image 2026 02 27 at 13.05.14 Console Corptechrajan Console Corptech

स्वास्थ्य संबंधी जोखिम – अवैध व अनियमित रक्तदान शिविरों से एचआईवी, हेपेटाइटिस-बी, हेपेटाइटिस-सी एवं सिफलिस जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा रहता है। इससे रक्तदाता के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है तथा मरीजों को असुरक्षित रक्त मिलने की संभावना रहती है। साथ ही राष्ट्रीय रक्त सुरक्षा मानकों का उल्लंघन होता है।

आम नागरिकों एवं रक्तदाताओं के लिए सुझाव– केवल मान्यता प्राप्त ब्लड बैंक अथवा शासकीय शिविर में ही रक्तदान करें। यदि कोई संस्था पैसे का लालच देकर रक्तदान कराती है तो सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत सीएमएचओ कार्यालय अथवा जिला स्वास्थ्य विभाग को दें। रक्तदान के बाद कमजोरी, चक्कर या बुखार जैसे लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

जनहित में अपील –  स्वास्थ्य विभाग जिले के समस्त नागरिकों से अपील की है कि मानव जीवन की रक्षा हेतु रक्तदान को पवित्र सेवा के रूप में अपनाएं तथा इसे किसी भी प्रकार के व्यावसायिक लेन-देन का माध्यम न बनने दें।

Related Articles