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कलेक्टर जनदर्शन बना मजाक, समय पर नहीं हो रहा शिकायतों का निराकरण, केवल खानापूर्ति कर झूठी वाहवाही लूट रहे जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी…

0 सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत कलेक्टोरेट से प्राप्त दस्तावेज से हुआ खुलासा…

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जांजगीर-चांपा। आम जनता की शिकायतों एवं समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से प्रत्येक सप्ताह कलेक्टोरेट जांजगीर में जनदर्शन लगाया जाता है मगर, यहां आम जनता की शिकायतों एवं समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है। कलेक्टर जनदर्शन को जिला प्रशासन के अधिकारियों ने ही मजाक बनाकर रख दिया है। इस बात का खुलासा सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत कलेक्टोरेट से प्राप्त प्रमाणित दस्तावेज से हुआ है।

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दरअसल, नगर पंचायत नवागढ़ निवासी शैलेन्द्र केशरवानी ने चार नवंबर 2022 को निर्धारित शुल्क के साथ कलेक्टर कार्यालय जांजगीर के जनसूचना अधिकारी के समक्ष आवेदन पेश करके सूचना के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत कलेक्टर कार्यालय जांजगीर में प्रेषित आवेदन पत्र दिनांक एक अक्टूबर 2018 के संबंध में जानकारी चाही थी। उन्होंने अपने आवेदन में स्पष्ट किया था कि जय मां भगवती मछुआरा समिति नवागढ़ द्वारा तालाब को गंदा करने पर पंजीयन निरस्त करने संबंधी की गई शिकायत पत्र सहित उक्त शिकायत पत्र पर आज पर्यन्त तक की गई कार्यवाही से संबंधित समस्त दस्तावेज की प्रमाणित नकल प्रदान की जावे। उक्त आवेदन पत्र के संदर्भ में 19 दिसंबर 2022 को कलेक्टोरेट जांजगीर के शिकायत शाखा के डिप्टी कलेक्टर द्वारा कलेक्टोरेट के जनसूचना अधिकारी को आवेदक शैलेन्द्र केशरवानी के आवेदन पत्र के संबंध में सहायक संचालक मछलीपालन जिला जांजगीर-चांपा से जानकारी प्राप्त कर सत्यापित दो प्रति में संलग्न कर प्रेषित करने संबंधी पत्र प्रेषित किया गया, जिसमें मछली पालन विभाग के सहायक संचालक कार्यालय जांजगीर से 13 दिसंबर 2022 को जारी एक पत्र संलग्न है। मछली पालन विभाग के उक्त पत्र में उल्लेखित है कि आवेदक शैलेन्द्र केशरवानी द्वारा जय मां भगवती मछुआरा समिति द्वारा तालाब को गंदा करने पर पंजीयन निरस्त करने बाबत की गई शिकायत के संबंध में पत्र प्राप्त हुआ है। उक्त आवेदन पत्र के परिपेक्ष्य में विकासखंड प्रभारी व सहायक मत्स्य अधिकारी अनीता भारद्वाज को नौ दिसंबर 2022 को कार्यालयीन पत्र के माध्यम से जांच के लिए निर्देशित किया गया था। सहायक मत्स्य अधिकारी अनीता भारद्वाज द्वारा 12 दिसंबर 2022 को पूर्व में ईश्वरी प्रसाद साहू द्वारा जनदर्शन क्रमांक 205 पर कार्यवाही नहीं चाहने के लिए पत्र लिखित में दिया गया है। बहरहाल, इस प्रकरण से तो एक बात साफ जरूर हो गया है कि कलेक्टर जनदर्शन के नाम पर जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी केवल खानापूर्ति करके झूठी वाहवाही लूटने कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

चार वर्ष पहले हुई थी शिकायत

खास बात यह है कि नगर पंचायत नवागढ़ के तत्कालीन अध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद साहू ने जय मां भगवती मछुआरा समिति द्वारा तालाब को गंदा करने पर पंजीयन निरस्त करने बाबत शिकायत कलेक्टर जनदर्शन में एक अक्टूबर 2018 को की थी, जिसमें कहा था कि नगर पंचायत नवागढ़ में तिलखईया तालाब में जय मां भगवती मछुआ समिति द्वारा तालाब में मुर्गों का विष्ठा डाला गया है, जिससे पूरा तालाब विषाक्त हो गया है, जिसके कारण मोहल्लेवासियों को स्नान एवं अन्य निरस्तारी के लिए मुश्किलों को सामना करना पड़ रहा है, जिससे कई प्रकार की बीमारी होने की आशंका है। शिकायत में इस बात का भी उल्लेख किया गया था कि संबंधित मछुआ समिति के इस रवैया की शिकायत मोहल्लेवासियों द्वारा पूर्व में भी की गई थी। ऐसे में मोहल्लेवासियों के हित को ध्यान में रखते हुए इस समिति का पंजीयन निरस्त किया जाना उचित होगा।

अधिकारियों ने दबा दिया था मामला

कलेक्टर जनदर्शन में दिए गए उक्त आवेदन पत्र नियमानुसार कार्यवाही वर्ष 2018 में ही करके प्रकरण नस्तीबद्ध किया जाना चाहिए था परन्तु, जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों ने ऐसा न करते हुए इस आवेदन को ही दबा दिया। अब जब आवेदक शैलेन्द्र केशरवानी ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत कलेक्टोरेट में आवेदन प्रस्तुत करके इस मामले के संबंध में की गई कार्यवाही की लिखित जानकारी मांगी है तो जिम्मेदार अफसरों के कान खड़े हो गए और शिकायतकर्ता नगर पंचायत नवागढ़ के तत्कालीन अध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद साहू से सांठगांठ करके चार साल बाद अब इस प्रकरण में जांच कार्यवाही की खानापूर्ति करते हुए आवेदक शैलेन्द्र केशरवानी को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।

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