



🔴 चांपा में पीडीएस दुकान बंद, 4 दिन से चावल गायब, खाध अधिकारी बोले – मुझे जानकारी नहीं …


चांपा। नगर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शहर की लगभग 7 राशन दुकानों में बीते 3 से 4 दिनों से चावल का वितरण पूरी तरह ठप है, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोज़ाना राशन दुकान पहुंचने के बावजूद हितग्राहियों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।


सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस गंभीर स्थिति की जानकारी तक खाध अधिकारी संदीप पांडेय को नहीं है। जब उनसे इस संबंध में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें चावल वितरण बंद होने की जानकारी नहीं है और वे पता करेंगे कि आखिर 7 दुकानों में चावल क्यों खत्म हो गया। खाध निरीक्षक का यह बयान विभागीय लापरवाही को उजागर करता है।

जानकारी के अनुसार बरछा पारा, मठ मंदिर क्षेत्र, हजारी गली, मंझली तालाब, महादेव घाट, सोनार पारा सहित कई इलाकों की राशन दुकानों में चावल उपलब्ध नहीं है। एक सोसायटी संचालक ने बताया कि अधिकारियों को समस्या की जानकारी है, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही, जो समझ से परे है।
दुकान संचालकों का कहना है कि जो एजेंसी चांपा नगर की सभी दुकानों में राशन का परिवहन करती है, वह जिम्मेदारी से बच रही है। वितरणकर्ता कभी खाध अधिकारी से बात करने को कहता है, तो खाध अधिकारी वितरणकर्ता को बोलने की बात कहते हैं। इस तरह जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालकर मामला टाला जा रहा है, जबकि इसका सीधा नुकसान आम जनता को उठाना पड़ रहा है।

एक दुकान संचालक ने यह भी बताया कि वितरणकर्ता का तर्क है कि उसकी बड़ी गाड़ी नगर की संकरी गलियों में नहीं आ सकती और छोटी गाड़ी कहीं फंसी हुई है। जबकि हकीकत यह है कि वैकल्पिक व्यवस्था कर छोटी गाड़ियों से भी राशन पहुंचाया जा सकता है। साफ तौर पर यह खाद विभाग और वितरण एजेंसी की घोर लापरवाही को दर्शाता है।
एक ओर सरकार पीडीएस व्यवस्था को मजबूत करने और गरीबों तक समय पर राशन पहुंचाने के लिए नई-नई योजनाएं लागू कर रही है, वहीं स्थानीय स्तर पर अधिकारी और वितरणकर्ता इन योजनाओं को मजाक बनाकर रखे हुए हैं।
फिलहाल चांपा नगर की भोली-भाली जनता इस अव्यवस्था का खामियाजा भुगत रही है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल चावल वितरण शुरू कराया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों व एजेंसी पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।








