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नाली साफ, मलबा सड़कों पर: चांपा में रेलवे ठेकेदार की मनमानी से जनता त्रस्त …

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🔴  नाली सफाई के नाम पर ठेकेदार की खुली दादागिरी, 20 दिनों से सड़क पर सड़ा मलबा—बदबू में जीने को मजबूर लोग, प्रशासन बेखबर। सफाई के नाम पर गंदगी का अंबार, रेलवे प्रशासन मौन — जवाब कौन देगा?

चांपा। भारतीय रेलवे के अंतर्गत चांपा रेलवे प्रशासन द्वारा हर साल स्टेशन से हसदेव नदी तक बनी नाली की सफाई कराई जाती है, लेकिन इस बार सफाई व्यवस्था जनता के लिए परेशानी का सबब बन गई है। नाली की सफाई के बाद मलबा उठाने में ठेकेदार की घोर लापरवाही और दादागिरी सामने आई है, जिससे आमजन का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

मामला भोजपुर रेलवे लाइन के पास का है, जहां ठेकेदार द्वारा नाली की सफाई कराए लगभग 20 दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन नाली से निकाला गया मलबा आज तक नहीं उठाया गया। हालत यह है कि पूरा मलबा सड़क पर फैला हुआ है, जिससे न केवल आवाजाही में भारी दिक्कतें हो रही हैं, बल्कि गंदगी और बदबू से स्थानीय लोगों का जीना दूभर हो गया है।  स्थानीय निवासियों का कहना है कि सामने से मुख्य सड़क गुजरती है, जहां दिनभर लोगों का आना-जाना बना रहता है। सड़क पर जमा नाली का मलबा दुर्घटनाओं को भी खुला न्योता दे रहा है। लोग मजबूरी में जान जोखिम में डालकर किसी तरह आना-जाना कर रहे हैं। मलबा दोबारा नाली में गिर रहा है, जिससे पूरी सफाई प्रक्रिया ही बेमानी साबित हो रही है।

सबसे गंभीर बात यह है कि ठेकेदार को कई बार अवगत कराने के बावजूद वह किसी की सुनने को तैयार नहीं है। स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और उनका आरोप है कि ठेकेदार खुलेआम दादागिरी दिखा रहा है। बदबू, गंदगी और अव्यवस्था के कारण आसपास रह रहे लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हो चुका है।  अब बड़ा सवाल यह है कि रेलवे प्रशासन आखिर कब इस लापरवाही पर संज्ञान लेगा? क्या ठेकेदार पर कार्रवाई होगी या जनता यूं ही बदहाली झेलने को मजबूर रहेगी? यदि शीघ्र मलबा नहीं हटाया गया तो स्थिति और भयावह हो सकती है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि संबंधित ठेकेदार के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए और मलबा हटाकर क्षेत्र को जल्द से जल्द राहत दी जाए।

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चांपा रेलवे प्रशासन की लापरवाही और ठेकेदार की खुली दादागिरी ने आम लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। सालाना सफाई के नाम पर नाली से निकाला गया गंदा मलबा 20 दिनों से सड़कों पर पड़ा है, बदबू फैल रही है, आवागमन बाधित है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। सवाल यह है कि जब सफाई का ठेका दिया गया था, तो मलबा उठाने की जिम्मेदारी किसकी थी और अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या ठेकेदार को रेलवे अफसरों का संरक्षण हासिल है, या फिर जनता की परेशानी से प्रशासन को कोई सरोकार ही नहीं?

ठेकेदार का काम है नाली से गंदगी को साफ करना और मलबे को भी हटाना,मैं बात करता हूँ, जल्द ही मलबे को हटाने के लिए कहता हूँ- सत्यप्रकाश कमल,स्टेशन मास्टर,चांपा

रेलवे की जमीन पर मलबा को रखा गया है,वहां पर न ही जेसीबी जाती है न ही टैक्टर। बहुत से लोग वहां रेलवे की जमीन पर कब्जा करके रह रहे है। मुझे काम को बंद कराना पड़ेगा – श्रीनिवास राव,रेल पथ, अधिकारी

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