खबर का असर: गहरी नींद से जागे खाध अधिकारी, 24 घंटे के भीतर पीसीएस दुकानों में पहुंचा चावल,एजेंसी की दलीलों पर उठे सवाल …






जांजगीर-चांपा। मीडिया में पीडीएस दुकानों में चावल की किल्लत को लेकर खबर प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद आखिरकार खाद्य विभाग की गहरी नींद खुली। खबर सामने आते ही खाद्य अधिकारी संदीप पांडे हरकत में आए और महज कल-आज के भीतर लगभग सभी पीडीएस दुकानों में चावल पहुंचाया जा रहा है अभी तक आधे दुकानों में चावल पहुँच चुका है।


बताया जा रहा है कि इससे पहले सोसायटी संचालकों द्वारा बार-बार अवगत कराने के बावजूद न तो खाद्य अधिकारी संदीप पांडे ने ध्यान दिया और न ही चावल पहुंचाने वाली एजेंसी ने गंभीरता दिखाई। एजेंसी का लगातार यह बहाना रहा कि उनके पास केवल बड़ी गाड़ी है और छोटी गाड़ी कहीं काम में फंसी होने के कारण चावल दुकानों तक नहीं पहुंचाया जा सकता।



हालांकि, जैसे ही दुकानों में चावल नहीं होने से जनता परेशान हुई और मामला मीडिया में प्रमुखता से उठा, वैसे ही हालात अचानक बदल गए। जिस एजेंसी के पास कथित तौर पर “छोटी गाड़ी नहीं थी”, उसके पास अब अचानक छोटी गाड़ी उपलब्ध हो गई और चावल का वितरण शुरू हो गया। यह स्थिति अपने आप में कई सवाल खड़े कर रही है।
पूरे घटनाक्रम से साफ जाहिर होता है कि खाद्य अधिकारी और सोसायटी में चावल पहुंचाने वाली एजेंसी दोनों की भारी लापरवाही रही। जब तक मामला सार्वजनिक नहीं हुआ, तब तक जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे रहे। खबर प्रकाशित होने के बाद ही प्रशासनिक सक्रियता दिखाई दी।
फिलहाल राहत की बात यह है कि अब लगभग सभी पीडीएस दुकानों में चावल पहुंच रहा है और जनता को पुनः सुचारू रूप से राशन मिलने लगा है। लेकिन यह सवाल बरकरार है कि यदि मीडिया में खबर नहीं छपती, तो क्या जनता को उसका हक समय पर मिल पाता?






