गणेश विसर्जन को लेकर प्रशासन अलर्ट, डोंगाघाट और एनीकट रपटा में बेरिकेड्स, रोशनी और गोताखोरों की रहेगी व्यवस्था …


चांपा। गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर चांपा प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नवपदस्थ एसडीएम शशि चौधरी ने विसर्जन के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए राजस्व विभाग सहित संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने हसदेव नदी स्थित डोंगाघाट एवं एनीकट (रपटा) के पास विसर्जन घाट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
एसडीएम ने चांपा तहसीलदार, एसडीओपी एवं नगर पालिका सीएमओ को घाट पर सुव्यवस्थित बेरिकेडिंग, पर्याप्त रोशनी तथा गोताखोरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही तहसीलदार एवं पटवारियों को मौके का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के लिए कहा गया है।
हर छोटी-बड़ी व्यवस्था पर प्रशासन की नजर – प्रशासन द्वारा विसर्जन घाट पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। घाट पर पुलिस बल के साथ गोताखोरों की तैनाती की जाएगी। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए बेरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षित आवागमन सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
तालाबों में विसर्जन पर रोक – इस बार चांपा नगर पालिका परिषद द्वारा शहर के तालाबों में गणेश प्रतिमा विसर्जन पर रोक लगाई गई है। नगर पालिका ने गणेश समितियों से प्रतिमाओं का विसर्जन हसदेव नदी के बहते पानी में निर्धारित घाटों पर करने की अपील की है।

राजस्व, PWD, नगर पालिका और पुलिस टीम ने किया निरीक्षण – गुरुवार दोपहर राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD), नगर पालिका एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने विसर्जन घाटों का निरीक्षण किया। टीम ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था, बेरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था और श्रद्धालुओं की आवाजाही सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि विसर्जन के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
25 से 27 सितंबर तक होगा गणेश प्रतिमा विसर्जन – चांपा में गणेश उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जाता है और विसर्जन के दौरान भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणेश समितियां शामिल होती हैं। 25, 26 और 27 सितंबर को गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। इसे देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी हैं। नवपदस्थ एसडीएम शशि चौधरी स्वयं व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था के इस आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुचारू बनी रहे।



